Mahabharata Udyoga Parva – निःसपत्ना मही यस्य तरयॊदश समाः सथिता

Shloka (श्लोक)
निःसपत्ना मही यस्य तरयॊदश समाः सथिता
स शेते निहतॊ भूमौ पुत्रॊ मे पृथिवीपतिः
⚡ Quick Meaning
जिसका कोई पुत्र नहीं है, वह पृथ्वीपति अभी मरा पड़ा है।
Translations
English Translation
A man who has no offspring remains on the ground, conquered, for twelve years. This shloka conveys the depth of loss and the significance of progeny in one’s legacy.
हिंदी अनुवाद
जिसके कोई संतान नहीं होती, वह भूमि पर निहत और तेरह वर्षों तक पड़ा रहता है। यह श्लोक जीवन में संतति और उसकी महत्वता को दर्शाता है।
Commentary
Context
यह श्लोक पितृत्व और उत्तराधिकार के महत्व को स्पष्ट करता है, जब कोई अपनी संतति की अनुपस्थिति में पराजित होता है।
Meaning
इससे यह स्पष्ट होता है कि संतति के अभाव में व्यक्ति की पहचान और अस्तित्व अधूरा रहता है।
Application
यह हमें यह संकेत देता है कि अपने परिवार और अगली पीढ़ी के प्रति जिम्मेदार होना आवश्यक है।
