Mahabharata Udyoga Parva – ततस ते भरतश्रेष्ठाः समाजग्मुः परस्परम

Shloka (श्लोक)
[वै]ततस ते भरतश्रेष्ठाः समाजग्मुः परस्परम
विगतक्रॊधमात्सर्याः सर्वे विगतकल्मषाः
⚡ Quick Meaning
भारतश्रेष्ठ लोगों ने आपस में मिलकर शांति और सहानुभूति से एकत्रित हुए।
Translations
English Translation
Then, the best among the Bharatas came together harmoniously, free from anger and envy, and cleansed of all impurities. This moment signifies unity and renewal, as they rise above their past conflicts.
हिंदी अनुवाद
तब, भरतश्रेष्ठ लोग एकजुट होकर, क्रोध और ईर्ष्या से मुक्त होकर, सभी पापों से बचकर एकत्रित हुए। यह क्षण एकता और नवीनीकरण को दर्शाता है, क्योंकि वे अपने पिछले संघर्षों पर विजय प्राप्त करते हैं।
Commentary
Context
यह श्लोक संगठित होने की प्रक्रिया को दर्शाता है, जहाँ सभी को एक समान उद्देश्य की ओर प्रेरित किया गया।
Meaning
सच्चे सामूहिक प्रयास में, सभी को अपने क्षोभ और द्वेष को पार करना चाहिए ताकि सामूहिक शान्ति की प्राप्ति हो सके।
Application
हमें जीवन में व्यक्तिगत द्वेषों को हटाकर सामूहिक एकता के लिए प्रयास करना चाहिए।
