Mahabharata Udyoga Parva – स तुद्यमानॊ विशिखैर बहुभिस तिग्मतेजनैः

Shloka (श्लोक)
स तुद्यमानॊ विशिखैर बहुभिस तिग्मतेजनैः
सात्वतेन महाराज कृतवर्मा न चक्षमे
⚡ Quick Meaning
कृतवर्मा ने अनेक तीरों से सात्यकि को देखने में असमर्थ रहा।
Translations
English Translation
Under immense duress from the sharp arrows launched by Satyaki, Kritavarma, the valiant warrior, found it increasingly difficult to keep his eyes focused on his opponent, indicative of the peril he faced.
हिंदी अनुवाद
सात्यकि द्वारा चलाए गए तीखे बाणों के अत्यधिक दबाव के तहत, कृतवर्मा, वीर योद्धा, अपने प्रतिद्वंद्वी पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस करने लगा, जो कि उसकी गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
Commentary
Context
यह श्लोक उस स्थिति का वर्णन करता है जब कृतवर्मा आग से तीरों से विचलित होकर खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा।
Meaning
यह दिखाता है कि जब आप अपनी पूरी मेहनत करते हैं, तो आपके प्रयास दूसरों की निर्धारित क्षमता को सीमित कर सकते हैं।
Application
कभी-कभी यह महत्वपूर्ण होता है कि हम अपने संघर्ष में सजग और संजीदा रहें, ताकि हम अपने विरोधियों पर प्रभाव डाल सकें।
