Mahabharata Udyoga Parva – ततॊ ऽपवाहितं दृष्ट्वा वसिष्ठम ऋषिसत्तमम

Shloka (श्लोक)
ततॊ ऽपवाहितं दृष्ट्वा वसिष्ठम ऋषिसत्तमम
अब्रवीद अथ संक्रुद्धॊ विश्वामित्रॊ हय अमर्षणः
⚡ Quick Meaning
विश्वामित्र ने वसिष्ठ को देखकर क्रोधित होकर कहा।
Translations
English Translation
Seeing Vasistha, the supreme sage, being brought forth, Vishwamitra, filled with anger, spoke out, showcasing the intense emotions and the gravity of the situation at hand.
हिंदी अनुवाद
वसिष्ठ को देखते हुए, जो सर्वोच्च ऋषि हैं, विश्वामित्र ने क्रोध में कहा, यह दर्शाता है कि स्थिति कितनी गंभीर और तीव्र है।
Commentary
Context
यह श्लोक विश्वामित्र के क्रोधित होने के क्षण को पकड़ता है, जो आगे की कथा में महत्वपूर्ण मोड़ लाता है।
Meaning
यहाँ क्रोध की तीव्रता और उसके परिणामों का संकेत दिया गया है, जो अक्सर मानव प्रेरणा को प्रेरित करता है।
Application
क्रोध के परिणामों पर विचार करते हुए, इसे संभालने और समझने की आवश्यकता है, जो हमारे जीवन की चुनौतियों में सहायक हो सकता है।
