Mahabharata Udyoga Parva – तद अप्य अस्य धनुः कषिप्रं चिच्छेद लघुहस्तवत

Shloka (श्लोक)
तद अप्य अस्य धनुः कषिप्रं चिच्छेद लघुहस्तवत
दवितीयं च तृतीयं च चतुर्थं पञ्चमं तथा
⚡ Quick Meaning
भीम ने धनुष को फटाफट नष्ट किया, जैसे किसी हल्के हाथ ने किया हो।
Translations
English Translation
With swift hands, Bhima shattered the bow, demonstrating agility as if it were done by a feather-light hand, effortlessly severing the second, third, fourth, and even fifth parts of it in quick succession.
हिंदी अनुवाद
भीम ने तेज हाथों से धनुष को इस प्रकार फटाक से तोड़ दिया जैसे हल्के हाथ से किया गया हो, और वह इससे दूसरे, तीसरे, चौथे और पाँचवे हिस्से को तेजी से काट दिया।
Commentary
Context
ये श्लोक भीम की द्रुतता को दर्शाते हैं, जब उन्होंने शत्रु के उपकरणों को क्षति पहुंचाई।
Meaning
यह श्लोक दर्शाता है कि ताकत के साथ-साथ गति और निर्णय क्षमता भी महत्वपूर्ण है।
Application
इससे हमें यह सिखने को मिलता है कि कार्य करने की प्रणाली में गति और चुस्ती का होना आवश्यक है।
