Mahabharata Udyoga Parva – तम आपतन्तं विशिखैः षड्भिर आहत्य सात्यकिः

Shloka (श्लोक)
तम आपतन्तं विशिखैः षड्भिर आहत्य सात्यकिः
चतुर्भिश चतुरॊ ऽसयाश्वान आजघानाशु वीर्यवान
⚡ Quick Meaning
सात्यकि ने छह बाणों से कृतवर्मा पर हमला कर दिया।
Translations
English Translation
Satyaki, showing tremendous valor, struck Kritavarma with six sharp arrows, quickly slaying four of his chariots’ steeds, showcasing his prowess in the battlefield against his formidable opponent.
हिंदी अनुवाद
सात्यकि ने tremendous वीरता का प्रदर्शन करते हुए कृतवर्मा पर छह तीर छोड़े, जिससे उसके चार रथों के घोड़ों को शीघ्रता से मार गिराया।
Commentary
Context
इस श्लोक में युद्ध के दौरान विद्यमान व्यूह और शौर्य का प्रदर्शन किया गया है।
Meaning
यह श्लोक हमें दिखाता है कि साहस और कुशलता दोनों ही युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण होते हैं।
Application
कभी-कभी एक त्वरित निर्णय और कार्यवाही ही सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
