Mahabharata Vana Parva – उवाच रामॊ वैदेहीं परामर्शविशङ्कितः
Shloka (श्लोक)
उवाच रामॊ वैदेहीं परामर्शविशङ्कितः
गच्छ वैदेहि मुक्ता तवं यत कार्यं तन मया कृतम
⚡ Quick Meaning
राम सीता से कहते हैं कि वह स्वतंत्र हैं; वह उन पर भरोसा रख सकती हैं।
Translations
English Translation
Rama, comforting Sita, spoke with assurance, “You are free now, dear Sita. Whatever is to be done shall indeed be done by me; you need not worry.” His words were filled with compassion and support.
हिंदी अनुवाद
राम ने सीता को सांत्वना देते हुए कहा, “तुम अब स्वतंत्र हो, प्रिय सीता। जो भी करना है, वह निश्चित रूप से मैं करूंगा; तुम्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।” उनके शब्द करुणा और समर्थन से भरे हुए थे।
Commentary
Context
इस श्लोक में राम सीता को आश्वासन देते हैं कि उनके बीच का बंधन अटूट है, चाहे किसी भी स्थिति का सामना क्यों न करना पड़े।
Meaning
यह श्लोक रिश्तों में विश्वास और सुरक्षा को दर्शाता है, यह दिखाते हुए कि सच्चे प्रेम में हमेशा एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए।
Application
यह हमें सिखाता है कि जब किसी को कठिनाई का सामना करना पड़ता है, तो आश्वासन और समर्थन देना कितना महत्वपूर्ण है।
