MahabharataVana Parva
Mahabharata Vana Parva – कृतसंप्रत्ययस तत्र कीचकः काममॊहितः
Shloka (श्लोक)
कृतसंप्रत्ययस तत्र कीचकः काममॊहितः
नाजानाद दिवसं यान्तं चिन्तयानः समागमम
⚡ Quick Meaning
कीचक अपनी इच्छाओं में भटक रहा था और उसे गलती का अनुमान नहीं था।
Translations
English Translation
Caught in the web of his desires, Keechaka was unaware of the day approaching for his reckoning, lost in deep contemplation.
हिंदी अनुवाद
अपनी इच्छाओं के जाल में फंसा हुआ कीचक, अपने अंतिम दिन की ओर बढ़ने के संकेत से बेख़बर था।
Commentary
Context
यह श्लोक कीचक के अवचेतन में व्याप्त मोह और उसके परिणाम को प्रदर्शित करता है।
Meaning
कभी-कभी हमारी इच्छाएं हमें वास्तविकता से काट देती हैं।
Application
हमें अपने दुखों और इच्छाओं पर विचार करना चाहिए ताकि हम सही दिशा में आगे बढ़ सकें।
