MahabharataVana Parva
Mahabharata Vana Parva – गन्धाभरण माल्येषु वयासक्तः स विशेषतः
Shloka (श्लोक)
गन्धाभरण माल्येषु वयासक्तः स विशेषतः
अलं चकार सॊ ऽऽतमानं स तवरः काममॊहितः
⚡ Quick Meaning
कीचक ने गंध, आभूषण और माला में संसक्त हो खुद को संकुचित किया।
Translations
English Translation
Enthralled by fragrant adornments and garlands, Keechaka, fully captivated, lost himself in the charms of temptation, intoxicated by desire.
हिंदी अनुवाद
गंध और आभूषणों के मोह में पड़कर कीचक, अपनी इच्छाओं में समा गया।
Commentary
Context
इस श्लोक में कीचक के भोग और भव्यता की ओर आकर्षण को प्रदर्शित किया गया है।
Meaning
यह दर्शाता है कि बाहरी आकर्षण कभी-कभी लोगों के विवेक को धुंधला कर देता है।
Application
हमें अपने चारों ओर के भौतिक आकर्षण पर ध्यान देने की बजाय अपने नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए।
