Mahabharata Vana Parva – मत्स्यराजः परामृष्टस तरिगर्तेन सुशर्मणा
Shloka (श्लोक)
मत्स्यराजः परामृष्टस तरिगर्तेन सुशर्मणा
तं मॊक्षय महाबाहॊ न गच्छेद दविषतां वशम
⚡ Quick Meaning
मत्स्यराज ने भीमसेन को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया।
Translations
English Translation
The king of fishes, cornered and besieged by Su-sharma’s prowess, beseeched the mighty Bhimasena to liberate him from the grip of his foes, depicting the desperate plea for aid in dire circumstances.
हिंदी अनुवाद
मत्स्यराज, जो सुशर्मा की शक्ति द्वारा पकड़ा गया था, ने भीमसेन से मदद की प्रार्थना की, यह दर्शाते हुए कि कठिन समय में सहायता की आवश्यकता होती है।
Commentary
Context
यह श्लोक दिखाता है कि कैसे भीमसेन का बल और साहस दूसरों को प्रेरित कर सकता है।
Meaning
यह हमें बताता है कि संकट के समय में मदद मांगना और देना कितना महत्वपूर्ण होता है।
Application
इस श्लोक के माध्यम से हम सहायता का मूल्य सीखते हैं, जब हमें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
