Mahabharata Vana Parva – सुवृत्ताम असुवृत्तां वाप्य अहं तवाम अद्य मैथिलि
Shloka (श्लोक)
सुवृत्ताम असुवृत्तां वाप्य अहं तवाम अद्य मैथिलि
नॊत्सहे परिभॊगाय शवावलीढं हविर यथा
⚡ Quick Meaning
राम सीता से कहते हैं कि वह किसी भी स्थिति में उसकी पत्नी हैं।
Translations
English Translation
Rama expressed that whether Sita is virtuous or not, he could never bring himself to reject her or consider her less than sacred, just as one would never waste holy offerings.
हिंदी अनुवाद
राम ने कहा कि चाहे सीता अच्छी हों या बुरी, वह उन्हें कभी भी त्यागने का सोच भी नहीं सकते, जैसे कोई पवित्र भोग का अपमान नहीं कर सकता।
Commentary
Context
इस श्लोक के माध्यम से, राम अपने प्रेम की गहराई और त्याग को प्रकट करते हैं, जो उनके रिश्ते की ताकत को दर्शाता है।
Meaning
यह श्लोक हमें बताता है कि सच्चे प्रेम में सभी बराबर होते हैं, और सच्ची निष्ठा किसी भी परिस्थिति में होती है।
Application
हमें यह समझना चाहिए कि प्रेम और निष्ठा को परिस्थितियों में नहीं बदलना चाहिए और सच्चे संबंधों में संलग्न रहना चाहिए।
