Mahabharata Vana Parva – तस्य सेनानिवेशॊ ऽभूद अध्यर्धम इव यॊजनम
Shloka (श्लोक)
तस्य सेनानिवेशॊ ऽभूद अध्यर्धम इव यॊजनम
तथा हि बहुलां सेनां स बिभर्ति नरर्षभः
⚡ Quick Meaning
उसकी सेना का आकार आधे योजनों के समान था और नरश्रेष्ठ ने एक बड़ी सेना को संभाला।
Translations
English Translation
The deployment of his army was about half a league in size, and this great warrior, known as the best among men, commanded a massive army, indicating the formidable force that could potentially confront the Pandavas on the battlefield.
हिंदी अनुवाद
उसकी सेना का आकार लगभग आधे योजनों जितना था, और यह वीर, जो मनुष्यों में श्रेष्ठ है, ने एक बड़ी सेना का संचालन किया, जो पाण्डवों के युद्धक्षेत्र में चुनौती निर्मित कर सकती थी।
Commentary
Context
यह श्लोक युद्ध की तैयारी में सेना की संख्या और उसकी महत्ता को दर्शाता है। यह उस स्थान पर चल रहे तनाव की गंभीरता को स्पष्ट करता है, जहाँ दोनों पक्षों के बीच संघर्ष होने वाला है।
Meaning
इस श्लोक में सेना के आकार और नेतृत्व की ताकत की बात की गई है। एक बहुजन सेना का होना किसी भी युद्ध की सफलता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
Application
यह श्लोक यह सिखाता है कि बड़े पैमाने पर योजनाबद्ध कार्य और प्रभावशाली नेतृत्व से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। संघर्ष के समय में एकजुटता और संगठन की महत्ता का महत्व है।
