MahabharataVana Parva

Mahabharata Vana Parva – सवर्गं परं पुण्यकृतां निवासं; करमेण संप्राप्स्यथ कर्मभिः सवैः

Shloka (श्लोक)

सवर्गं परं पुण्यकृतां निवासं; करमेण संप्राप्स्यथ कर्मभिः सवैः
मा भूद विशङ्का तव कौरवेन्द्र; दृष्ट्वात्मनः कलेशम इमं सुखार्ह

⚡ Quick Meaning

शुभ कर्मों से स्वर्ग का सुख प्राप्त किया जा सकता है।

Translations

English Translation

This shloka assures that through righteous actions, one can attain the supreme abode of bliss. It encourages individuals to perform their duty without doubts, assuring them of the rewards of their efforts in the pursuit of happiness.

हिंदी अनुवाद

यह श्लोक यह आश्वासन देता है कि धार्मिक कार्यों के माध्यम से व्यक्ति परम सुख का अनुभव कर सकता है। यह हमें हमारे कर्तव्यों को बिना संदेह किए निभाने के लिए प्रेरित करता है।

Commentary

Context

यह श्लोक वन पर्व में आता है, जहाँ कर्म की महत्ता और व्यक्ति के कर्तव्यों की चर्चा है। यह एक आध्यात्मिक संदेश है।

Meaning

उन्होंने कर्म के माध्यम से स्वर्गीय सुख प्राप्त करने का आश्वासन दिया है। यह कर्मशीलता पर जोर देता है।

Application

संदेश है कि मेहनत और सजगता से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में सुख प्राप्त कर सकता है।

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