Mahabharata Udyoga Parva – दरौपदीहरणे यत तद भीमसेनेन निर्जितः

Shloka (श्लोक)
[स]दरौपदीहरणे यत तद भीमसेनेन निर्जितः
मानात स तप्तवान राजा वरार्थी सुमहत तपः
⚡ Quick Meaning
भीम ने द्रौपदी के अपमान पर जयद्रथ को हराया।
Translations
English Translation
The king was defeated by Bhima in retaliation for the dishonoring of Draupadi, which his extensive penances and efforts were unable to prevent, illustrating the importance of honor.
हिंदी अनुवाद
राजा को द्रौपदी के अपमान की प्रतिक्रिया में भीम द्वारा हराया गया, जो उसकी तपस्या और प्रयासों को रोकने में असफल रहे। यह सम्मान के महत्व को दर्शाता है।
Commentary
Context
यह श्लोक द्रौपदी के अपमान के बाद की घटनाओं को उजागर करता है, जो महाभारत की प्रमुख घटनाओं में से एक है।
Meaning
यह सम्मान और प्रतिशोध के प्रति सचेत करता है, और दर्शाता है कि कुछ कर्मों के प्रतिफल होते हैं।
Application
हमें दूसरे के प्रति सम्मान रखना चाहिए और अपमानजनक परिस्थितियों में धैर्य और सामर्थ्य बनाए रखना चाहिए।
